Monday, December 24, 2018

सास कर रही थी परेशान, पहले बेटे को मारा, फिर खुद लगा ली फांसी

पुणे से हैरान कर देनेवाली घटना सामने आई है. 22 साल की बहु सास से परेशान होकर अपने 2 साल के बेटे की हत्या कर दी और खुद फांसी लगाकर मर गई. दहेज के लिए बार-बार प्रताड़ित करने वाली सास को पुलिस ने गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है. खुदखुशी करने वाली महिला का पति पुलिस कॉन्स्टेबल है. सुसाइड नोट में महिला ने खुदकुशी के लिए अपनी सास को जिम्मेदार ठहराया था. उस पर दहेज के लिए बार-बार प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है.

पुणे के हडपसर इलाके में 22 साल की जान्हवी कांबले ने 2 साल के शिवांश की पहले हत्या की और बाद में अपने ही बेडरूम में फांसी लेकर खुदकुशी की. सुसाइड नोट में पति को कहा कि, अमित तुम मुझपर बेहद प्यार करते हो लेकिन आप मुझे ज्यादा वक्त नहीं दे पा रहे हो..मेरी सास सुजाता मुझे दहेज के लिए काफी प्रताड़ित कर रही है. रविवार सुबह बेडरूम में दोनो की लाश मिली. जान्हवी के पिता ने ससुरालवालों पर हत्या का आरोप लगाया है. जान्हवी ने कल देर रात ही पिता से मोबाइल पर ससुराल में हो रही परेशानियों की आप बीती बताई थी.

जान्हवी ने कहा कि "मैं फोन पर बात कर रहा था..मुझे पता है, बहुत दिनों से तुम्हे काफी तकलीफ हो रही है...वहां.. तुम्हें तुम्हारे ससुरालवाले काफी तकलीफ दे रहे हैं...उन्हें कुछ तुम बोलती हो क्या...?...उसने बोला नहीं पापा...मैं कुछ बोलती नहीं..काफी तकलीफ हो रही है...मुझे यहां रहने की इच्छा नहीं है..मुझे यहां से लेकर जाइए..कुछ तो फ़ैसला करे..सास-ससुर काफी तकलीफ दे रहे हैं...पापा मैं आपको बताती नहीं..आपको बुरा लगेगा इसलिए मैं आपको कुछ नहीं बताती..लेकिन अब मुझे यहां से लेकर चले..काफी तकलीफ दे रहे है यहां...

जाह्नवी ने आगे बताया कि रात डेढ़ बजे हमारी बात हो रही थी...मैंने बोला भी कि बेटा मैं तुम्हें सुबह लेकर जाता हूं..बोलते वक्त मुझे कहने लगी, पापा कोई दरवाजे के पास खड़े रहकर मेरी बात सुन रहे हैं..उसके बाद करीब 1.30 बजे उसने मेरा फोन बंद किया..और सुबह उसके ससुराल से फोन आया कि, आपकी बेटी की मौत हुई..उसे मारा गया है..""

पुलिस को सुसाइड नोट मिलने के बाद सास सुजाता कांबले को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है. हैरानी की बात यह भी है कि जान्हवी के पिता और ससुर दोनों महाराष्ट्र पुलिस में कॉन्स्टेबल है.

जानकारी के मुताबिक साल 2016 में म्यांमार में क्रॉस बॉर्डर कैंप से की गई सर्जिकल स्ट्राइक की कार्रवाई में दोषी अधिकारी ने अहम रोल अदा किया था. उसी की वजह से उक्त अधिकारी का प्रमोशन भी हुआ था.

हालांकि दोषी अधिकारी एम.एस. जसवाल ने इस मामले को उसके खिलाफ साजिश करार दिया है. उसका कहना है कि यह सब सेना की भीतरी गुटबाजी का नतीजा है. जिसके तहत उन्हें फंसाया गया है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सीमा पर दीवार बनाने के लिए पैसा मांगे जाने पर शनिवार को अमेरिका सरकार का कामकाज आंशिक रूप ठप हो गया. इस बीच, खबरों में कहा गया है कि ट्रंप ने निजी रूप से अधिकारियों के साथ फेडरल रिजर्व प्रमुख जेरोम पॉवेल को हटाने पर विचार किया है. पॉवेल द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने से ट्रंप नाराज हैं. अगर पॉवेल को पद से हटाया जाता है तो इससे वैश्विक बाजारों में ‘बेचैनी’ बढ़ेगी और निवेशकों की धारणा प्रभावित होगी.

Tuesday, December 11, 2018

शिवराज सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश में संख्या बल के सामने सिर झुकाया, दिया इस्तीफ़ा

230 सीटों वाली मध्य प्रदेश विधानसभा में साधारण बहुमत के लिए 116 विधायकों की ज़रूरत है. कांग्रेस इस आकंड़े तक पहुंचते-पहुंचते दो सीटों से पिछड़ गई.

दूसरी तरफ़ कांग्रेस से ज़्यादा वोट पाकर भी बीजेपी 109 सीटें ही जीत पाई और कांग्रेस 114 सीटें अपनी झोली में डालने में कामयाब रही. कांग्रेस को मध्य प्रदेश में 40.91 फ़ीसदी वोट मिले हैं और बीजेपी को 41 फ़ीसदी.

शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को नतीजे की तस्वीर साफ़ होने के बाद पहली बार बोलते हुए कहा, ''किसी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है. बीजेपी को वोट ज़्यादा मिले लेकिन हम संख्या बल में पिछड़ गए. मैं संख्या बल के सामने सिर झुकता हूं. मैं राज्यपाल को इस्तीफ़ा देने जा रहा हूं.''

दूसरी तरफ़ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह और कमलनाथ मध्य प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मिलने पहुंचे हैं. कांग्रेस सरकार बनाने का दावा पेश करेगी.

जयोतिरादित्य सिंधिया ने शिवराज सिंह चौहान पर तंज कसते हुए कहा, ''मैं अब कहूंगा- माफ़ कीजिए शिवराज जी अब आया है जनता का राज.''

दरअसल, शिवराज सिंह चौहान ने पूरा कैंपेन 'माफ़ कीजिए महाराज, मेरा नेता शिवराज' के नारे पर चलाया था. शिवराज सिंह चौहान ने महाराज कह सिंधिया परिवार को निशाने पर लेने की कोशिश की थी.

मुख्यमंत्री बनने के सवाल पर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि कांग्रेस आलाकमान का जो भी निर्णय होगा, उसे वो स्वीकार करेंगे. उन्होंने कहा, ''हमलोग इस माटी को सिर पर लगाकर पांच सालों तक जनता की सेवा करेंगे.''

बीएसपी को दो सीटों पर जीत मिली है, एक पर समाजवादी पार्टी और चार पर निर्दलीय उम्मीदवार जीते हैं. वोटों की गिनती पूरी भी नहीं हुई थी कि मध्य प्रदेश कांग्रेस के तीनों बड़े नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया, कमलनाथ और दिग्विजय सिंह ने मंगलवार रात ढाई बजे प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर कहा कि उन्होंने राज्यपाल के पास सरकार बनाने के लिए चिट्ठी भेजी है.

कांग्रेस मध्य प्रदेश में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. समाजवादी पार्टी ने उसे समर्थन देने की घोषणा की है. मायावती ने भी कांग्रेस को समर्थन देने की घोषणा कर दी है. मतलब कांग्रेस एसपी और बीएसपी के समर्थन से बहुमत साबित कर सकती है.

तीनों पार्टियों मिलकर 117 के आंकड़े छू लेंगी जो साधारण बहुमत से एक सीट ज़्यादा होगी. कांग्रेस के मध्य प्रदेश प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी ने बीबीसी से कहा कि चारों निर्दलीय विधायक कांग्रेस के बाग़ी हैं और उनका समर्थन भी उन्हें मिल गया है.

मध्य प्रदेश में बीजेपी पिछले 15 सालों से सत्ता में थी और शिवराज सिंह चौहान 13 सालों से मुख्यमंत्री. मध्य प्रदेश में अगर सत्ता विरोधी लहर थी तो भी कांग्रेस स्पष्ट बहुमत हासिल करने में नाकाम रही. कांग्रेस से पांच विधायक कम होने के बावजूद मध्य प्रदेश में बीजेपी को कुल वोट कांग्रेस से ज़्यादा मिले हैं.